"The hardest of all is learning to be a well of affection,and not fountain,to show them that we love them,not when we feel like it,but when they do"

Monday, July 15, 2013

ये रात!

ये रात की है तेरे नाम हमने, 
तू जो बोले वो सच माना है..

तेरी एक मुस्कुराहट के खातिर,
दुनिया बदली है अपनी आज के लिए..
खुश हूँ मैं तुझे देख के, 
खिलखिला रही है जो बे बात यूंही.. 

तेरी जुल्फों से खेलूँ,
तेरे गोद्द में सर रखू कभी,
कभी तू नाराज़ हो तो, 
चूम लूँ तेरे होंट यूंही..
बस रात भर तुझे देखूँ,
जबतक तेरी खुशबू का नशा, 
निगाहों को भारी न कर दे..

तुझे बाहों में समेट सौया रहूँ,
और हल्के से बोलूँ तेरे कानो में,
ये रात की है तेरे नाम हमने.. 


P.S.-I have written it from a guy's perspective.

6 comments:

Fatima said...

Loved this poem. :)

Take Care

Dimpy Dhiman said...

wow

ANJALI.N.KUMAR said...

lovely :) luvd it

Alcina said...

@Fatima
Thank you :)

Alcina said...

@Dimpy dhiman
:P

Alcina said...

@Anjali
Thank you dear :)